Friday, August 22, 2008

मिथिलांगनक सुपरहिट मैथिलि हास्य नाटक 'उगना हाल्ट'

'सोन मछरिया' 'नैका बनिजारा'
के जोरदार सफलता के बाद मिथिलांगन प्रस्तुत केलक
मणिपद्म जयंती समारोह के शुभ अवसर पर
7 सितम्बर 2008, रविवार,
श्री राम सेंटर, मंडी हाउस, दिल्ली में
सुपरहिट मैथिलि हास्य नाटक
"उगना हाल्ट"
लेखक : कुमार शैलेन्द्र
संगीत : श्री सुंदरम
निर्देशक : संजय चौधरी
अगर एही नाटक के देखावाक फेर स इक्षा रखैछी ता
एही के सीडी के लेल तथा अहि वास्ते
बेसी जानकारी के लेल संपर्क करू
9312301160, 9810450229, 9911364212

3 comments:

Anonymous said...

संजीव जी , नमस्कार !
ई त' बेसी नीक अछि जे अहाँ उगना हॉल्ट पर हमर विचार मँगलहु अछि । त' हमर विचार कनि समीक्षात्मक होयत ।
नाटक मे सबस' पहिल आकर्षण ओकर नामे पैदा करैत अछि, से अहाँ सभहक नाटकक नाम मे पूर्ण रूपे व्याप्त छल । नाटक देखला बाद सर्वप्रथम मोन मे यैह आयल जे नाट्य प्रस्तुति मे नाटक नामक सार्थकता की छल ?
आब विषय बस्तु : त' अखन दिल्ली मे कोन एहन रंगकर्मी छथि जे मात्र मैथिली रंगकर्मक लेल संघर्ष क' रहल छथि ? मंडी हाउसक केन्द्र मे राखल विषय-वस्तु मे आइ सात साल सँ हमहूँ रहि रहल छी, हमरा त' एकोटा एहन कलाकार नहि देखबा मे अबैत छथि । तखन ई कथ्य कतेक उपयूक्त ?
नाटक के मूल तथ्य रंगकर्मीक जीवन मे अनायास दू परिवारक प्रेम प्रसंग जेना घुसपैठ करैत गालैत छल ।
हाँ ! सभ स' आकर्षित केलक एतेक कमजोर नाटकक अभिनेता । अभिनेता सभ नीक अभिव्यक्ति देलथि । जाहि मे निश्चित रूपे ओ बालक ( हमरा नाम मोन नहि अछि ) जे बच्चा सभहक बीच लीड करैत छल , ठीके बधाई के पात्र अछि आ तकरा बाद भास्करानंद ।
दिल्लीक मैथिली रंगमंच पर एतेक बच्चाक उपस्थिति निश्चित नीक लागल । जँ ठीक ठीक समीक्षा कयल जाय त' पूरा लेख भ' जायत । तें अखन एतबे । मुदा एक बेर फेर जे आलेखक चुनाव काल कनी सतर्कता बरतबाक चाही ।
- प्रकाश
रानावि, दिल्ली ।

Amit K. Sagar said...

ब्लोगिंग जगत में आपका स्वागत है. खूब लिखें, खूब पढ़ें, स्वच्छ समाज का रूप धरें, बुराई को मिटायें, अच्छाई जगत को सिखाएं...खूब लिखें-लिखायें...
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अमित के. सागर
(उल्टा तीर)

Yamini Gaur said...

Very nice ! bahut accha likha hai!

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